Khat Ko Likhta Hoom…

 

Subki Zindagi Mein Kuch Aise Panne Hai…
Jin Par Siyahi To Hai Par Alfaaz Nazar Nehi Aate…

 

The song Khat Ko Likhta Hoom starts off after the narration (Ibteda)

Ibteda:

काश, काश, काश.

क्या छुपा है आख़िर इस अल्फ़ाज़ मैं.

ज़िंदगी के साए लंबे हुए जाते हैं

पर ये कम्बखत ज़िंदगी से जाने का नाम ही नहीं लेता.

हर एक मोड़ पे कोई ना कोई अधूरापन घेर लेता है तन्हा पा के,

और इस एहसास के साथ छ्चोड़ जाता है.

ज़िंदगी मैं सब को एक ही मलाल है.

सब की ज़िंदगी मैं कुच्छ ऐसे पन्ने हैं

जिन पर सियाही तो है पर अल्फ़ाज़ नज़र नहीं आते.

लगता है जैसे सियाही को बेतरतीब पन्ने पे फैला दिया गया हो

जैसे कोई बच्चा अपने खिलोनों को बिखेर देता है.

ऐसे ही पन्ने जिन की सियाही से कुच्छ अल्फ़ाज़ उभर आते.

काश.

– Birla

The Official Video:

The Soundcloud Channel:


Video with Lyrics:

Khat Ko Likhta Hoom:

ख़त को लिखता हूँ और लिख के मिटा देता हूँ


दिल के एहसास-ए-मोहब्बत को ऐसे ही हवा देता हूँ


हर रात बनाता हूँ शिद्दत से ये कश्ती को


और सुबह के होते ही दरिया मैं बहा देता हूँ


होगा तो कभी उन को भी एहसास मोहब्बत का


जब तक नहीं होता हैफरिश्तों को बता देता हूँ


करता हूँ शब-ओ-रोज़ तेरे इश्क़ का ही चर्चा


पूछे है अगर कोई तो बात कुछ और बना देता हूँ


आयेंगी कभी तो खुशियां मेरे भी घरोंदोंमैं


अभी तो गैर कि खुशियों मैं ही ईद मना लेता हूँ


Making of the song, a home recording during the composition phase…sometime during 2013.

The Chai Point Meet…

Kaash…’ is one of those chai pe charcha outcomes which started off sometime in December 2012. Both Birla and Shammas are highly passionate about Old Hindi Songs and Indian Melodies. One thing the two had in common was the worry about how the melodious Indian music industry is getting diluted mixing up with other genres. Also the lyrics and the songs are loosing the charm which it had primary because of the subtleness of Urdu which is hardly used while writing songs these days.

Kaash is a venture to try to get back Urdu writing and Melodies back to modern Indian Music. The simplicity that existed in old Hindi songs will be followed for the songs of Kaash. The songs are aimed to be of those kind which gets better the more times you hear it.

The song list of Kaash…

0. Ibteda

1. Khat ko likhta hoon

2. Kuchh Zazbaat chhupe hain

3. O mere dil ki hansi shehzadi

4. Wo Zubaanein

5. Besabab Zindagi basar nahin hoti

6. Kaash